Sunday, November 1, 2009

क्या आपने भी लिया है नजर कवच यंत्र

अध्यात्म का बाजार सदियों से विकसित है अधिकतर इसमें तंत्र-मंत्र का खेल है और कुछ सदियों पुरानी वैदिक ऋचाओं का बिना जाने अनंत दोहराना ही है लेकिन इसमें हम मानते हैं कि इसे मानने के पीछे आधार हो सकते हैं कुछ तो यह कि परंपरा में इसे स्वीकार किया गया है लेकिन आधुनिक काल के ढोंगी बाबाओं का क्या करें जो अध्यात्म का चोला पहनकर खुलकर अपनी दुकानदारी कर रहे हैं। ऐसे ही बाबाओं में अग्रणी नाम है सत्य साईं बाबा का जिन्होंने साईं बाबा जैसे ऊंचे संत का नाम लेकर अपनी दुकानदारी चलाई है। ऐसे बाजार अब हाईटेक भी हो चले हैं इन्होंने मीडिया को भी खरीद लिया है ऐसे ही एक मशहूर चैनल के एक प्रोग्राम में मैने नजर कवच यंत्र के बारे में सुना। एक बेहद सुंदर एंकर बता रही थी कि नजर के प्रभाव के चलते बहुत से बिजनेस बर्बाद हो गये। ऐसे में केवल 2500 रुपए का नजर कवच यंत्र लगा लेने से आप नजर के प्रभाव से मुक्त हो सकते हैं इसे कहते हैं हींग लगे न फिटकरी, रंग चोखा होये। मेरे पास इसका सबूत भी है मेरी बड़ी बहन ने मुझे बताया कि उसने शिव सुरक्षा कवच लिया है 2500 रुपए का। मुझे आश्चर्य हुआ कि ऐसा कवच न तो शिवपुराण में कहीं हैं और न ही इसकी चर्चा कभी शंकराचार्य ने की है तो धर्म के दलालों के पास ऐसा कवच कहां से पहुंच गया।

1 comment:

परमजीत बाली said...

विचारणीय पोस्ट।